Actions

A Declaration of Interdependence?

< A Declaration of Interdependence

1
00:00:01,000 --> 00:00:03,971
4 जुलाई, 2011 को हमने एक अनुरोध ऑनलाइन प्रकाशित किया था

2
00:00:03,971 --> 00:00:09,250
जिसमें हमने परस्‍पर-निर्भरता के बारे में बनने वाली एक लघु फ़िल्‍म में भाग लेने का आग्रह किया था।

3
00:00:09,500 --> 00:00:13,351
संसार भर के लोगों ने हमें कलाकृतियाँ और वीडियो भेजे।

4
00:00:13,351 --> 00:00:17,084
जिससे ये बात खुल कर सामने आई...

5
00:00:17,084 --> 00:00:28,073
मानवीय घटनाचक्रों के दौरान...

6
00:00:28,073 --> 00:00:30,130
हमारे लिए ये बहुत ज़रूरी हो जाता है

7
00:00:31,000 --> 00:00:33,500
कि हम अपनी मौलिक विशेषताओं को पहचानें

8
00:00:33,500 --> 00:00:38,805
जो हमें आपस में जोड़ती हैं।

9
00:00:40,707 --> 00:00:43,177
इसके बाद हम फिर से मूल्‍यांकन करें

10
00:00:43,177 --> 00:00:49,149
उन सत्‍यों का जिन्‍हें हम स्‍वयं प्रमाणित मानते आए हैं।

11
00:00:49,917 --> 00:00:52,454
कि स्रष्टा ने सभी इंसानों को बराबर बनाया है

12
00:00:52,454 --> 00:00:53,940
और सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं

13
00:00:53,940 --> 00:00:58,979
कि स्रष्टा ने सभी इंसानों को बराबर बनाया है और सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

14
00:00:58,979 --> 00:01:00,894
कि हम सभी एक ही लक्ष्‍य के पीछे दौड़ रहे हैं

15
00:01:01,997 --> 00:01:03,030
आज़ादी

16
00:01:03,730 --> 00:01:04,807
खुशी

17
00:01:05,154 --> 00:01:06,154
खाना

18
00:01:06,850 --> 00:01:07,640
पानी

19
00:01:08,068 --> 00:01:09,068
घर

20
00:01:09,799 --> 00:01:11,053
सुरक्षा

21
00:01:11,850 --> 00:01:13,140
शिक्षा

22
00:01:13,850 --> 00:01:14,977
न्‍याय

23
00:01:14,977 --> 00:01:16,904
और बेहतर भविष्‍य की उम्‍मीद।

24
00:01:17,450 --> 00:01:18,900
कि हमारा पूरा ज्ञान

25
00:01:18,900 --> 00:01:20,000
अर्थतन्‍त्र

26
00:01:20,000 --> 00:01:22,268
प्रौद्योगिकी और पर्यावरण

27
00:01:22,268 --> 00:01:24,000
मूल रूप से परस्‍पर-निर्भर हैं।

28
00:01:24,000 --> 00:01:28,375
परस्‍पर-निर्भर।

29
00:01:29,289 --> 00:01:33,832
जो चीज़ एक ही प्रजाति के तौर पर हमें आगे बढ़ाएगी

30
00:01:33,832 --> 00:01:36,131
वो है हमारी जिज्ञासा

31
00:01:37,477 --> 00:01:40,171
हमारा क्षमादान

32
00:01:41,262 --> 00:01:43,171
दूसरों का सम्‍मान

33
00:01:45,205 --> 00:01:47,532
हमारी हिम्‍मत

34
00:01:47,532 --> 00:01:50,244
और जुड़ने की हमारी इच्‍छा।

35
00:01:54,181 --> 00:01:55,775
कि ये जो हमारी साझी चीज़ें हैं

36
00:01:55,775 --> 00:01:58,004
अंतत: हमारी मदद करेंगी

37
00:01:58,004 --> 00:02:00,395
पूरी क्षमता से हमारे विकास में।

38
00:02:03,857 --> 00:02:06,827
और एक ओर जहाँ, हमें अपनी समस्‍याओं से गंभीरता से निपटना चाहिए

39
00:02:07,250 --> 00:02:10,931
वहीं दूसरी ओर हमें ख़ुद को कभी भी गंभीरता से नहीं लेना चाहिए

40
00:02:12,199 --> 00:02:15,369
क्‍योंकि एक और चीज़ जो हमें एक दूसरे से जोड़ती है

41
00:02:15,369 --> 00:02:17,437
वो है हमारी हँसने की क्षमता

42
00:02:17,437 --> 00:02:23,177
और अपनी ग़लतियों से सीखने की हमारी कोशिशें।

43
00:02:24,511 --> 00:02:26,379
ताकि हम इतिहास से सबक ले सकें

44
00:02:27,514 --> 00:02:30,300
संसार में अपने अस्‍तित्‍व का महत्‍व समझ सकें

45
00:02:31,752 --> 00:02:36,400
और अपने सम्‍पूर्ण ज्ञान का इस्‍तेमाल कर सकें

46
00:02:36,400 --> 00:02:41,361
एक बेहतर भविष्‍य बनाने के लिए

47
00:02:43,263 --> 00:02:46,255
तो शायद वक्त आ गया है

48
00:02:46,800 --> 00:02:51,738
कि हम एक प्रजाति के तौर पर

49
00:02:51,738 --> 00:02:56,611
जो हँसना

50
00:02:56,611 --> 00:03:00,651
सवाल पूछना और जुड़ना पसन्‍द करते हैं

51
00:03:01,949 --> 00:03:04,450
कुछ मौलिक और ठोस काम करें।

52
00:03:05,085 --> 00:03:09,389
सदियों से हमने स्‍वतन्त्रता की घोषणा कर रखी है

53
00:03:10,845 --> 00:03:12,159
शायद अब वक्त आ गया है

54
00:03:12,159 --> 00:03:13,887
कि हम इंसानों के तौर पर

55
00:03:13,887 --> 00:03:16,250
अपनी परस्‍पर-निर्भरता की घोषणा करें

56
00:03:16,250 --> 00:03:25,009
परस्‍पर-निर्भरता

57
00:03:47,556 --> 00:03:52,014
अपनी परस्‍पर-निर्भरता की घोषणा करने के लिए...

58
00:03:52,014 --> 00:03:53,750
लेट इट रिप्‍पल [letitripple.org] पर जाएँ

59
00:03:53,750 --> 00:03:55,500
लेट इट रिप्‍पल [letitripple.org] पर जाएँ -- घोषणा (डिक्‍लेयर) पर क्‍लिक करें

60
00:04:09,449 --> 00:04:16,998
लेट इट रिप्‍पल: सतत परिवर्तन हेतु विश्व चलचित्र

1
00:00:01,000 --> 00:00:03,971
On the 4th of July, 2011 we posted a request online

2
00:00:03,971 --> 00:00:09,250
to participate in a short film about interdependence.

3
00:00:09,500 --> 00:00:13,351
Artwork and videos emerged from around the world.

4
00:00:13,351 --> 00:00:17,084
Here is what unfolded...

5
00:00:17,084 --> 00:00:28,073
When in the course of human events...

6
00:00:28,073 --> 00:00:30,130
It becomes increasingly necessary

7
00:00:31,000 --> 00:00:33,500
to recognize the fundamental qualities

8
00:00:33,500 --> 00:00:38,805
that connect us.

9
00:00:40,707 --> 00:00:43,177
Then we must reevaluate

10
00:00:43,177 --> 00:00:49,149
the truths we hold to be self evident.

11
00:00:49,917 --> 00:00:52,454
That all humans are created equal

12
00:00:52,454 --> 00:00:53,940
and all are connected

13
00:00:53,940 --> 00:00:58,979
That all humans are created equal and all are connected.

14
00:00:58,979 --> 00:01:00,894
That we share the pursuits of life

15
00:01:01,997 --> 00:01:03,030
liberty

16
00:01:03,730 --> 00:01:04,807
happiness

17
00:01:05,154 --> 00:01:06,154
food

18
00:01:06,850 --> 00:01:07,640
water

19
00:01:08,068 --> 00:01:09,068
shelter

20
00:01:09,799 --> 00:01:11,053
safety

21
00:01:11,850 --> 00:01:13,140
education

22
00:01:13,850 --> 00:01:14,977
justice

23
00:01:14,977 --> 00:01:16,904
and hopes for a better future.

24
00:01:17,450 --> 00:01:18,900
That our collective knowledge

25
00:01:18,900 --> 00:01:20,000
economy

26
00:01:20,000 --> 00:01:22,268
technology and environment

27
00:01:22,268 --> 00:01:24,000
are fundamentally interdependent.

28
00:01:24,000 --> 00:01:28,375
Interdependent.

29
00:01:29,289 --> 00:01:33,832
That what will propel us forward as a species

30
00:01:33,832 --> 00:01:36,131
is our curiosity

31
00:01:37,477 --> 00:01:40,171
our ability to forgive

32
00:01:41,262 --> 00:01:43,171
our ability to appreciate

33
00:01:45,205 --> 00:01:47,532
our courage

34
00:01:47,532 --> 00:01:50,244
and our desire to connect.

35
00:01:54,181 --> 00:01:55,775
That these things we share

36
00:01:55,775 --> 00:01:58,004
will ultimately help us evolve

37
00:01:58,004 --> 00:02:00,395
to our fullest common potential.

38
00:02:03,857 --> 00:02:06,827
And whereas we should take our problems seriously

39
00:02:07,250 --> 00:02:10,931
we should never take ourselves too seriously

40
00:02:12,199 --> 00:02:15,369
Because another thing that connects us

41
00:02:15,369 --> 00:02:17,437
is our ability to laugh

42
00:02:17,437 --> 00:02:23,177
and our attempt to learn from our mistakes.

43
00:02:24,511 --> 00:02:26,379
So that we can learn from the past

44
00:02:27,514 --> 00:02:30,300
understand our place in the world

45
00:02:31,752 --> 00:02:36,400
and use our collective knowledge

46
00:02:36,400 --> 00:02:41,361
to create a better future

47
00:02:43,263 --> 00:02:46,255
So perhaps it’s time

48
00:02:46,800 --> 00:02:51,738
that we as a species

49
00:02:51,738 --> 00:02:56,611
who love to laugh

50
00:02:56,611 --> 00:03:00,651
ask questions and connect

51
00:03:01,949 --> 00:03:04,450
do something radical and true.

52
00:03:05,085 --> 00:03:09,389
For centuries we have declared independence

53
00:03:10,845 --> 00:03:12,159
Perhaps it’s now time

54
00:03:12,159 --> 00:03:13,887
that we as humans

55
00:03:13,887 --> 00:03:16,250
declare our interdependence

56
00:03:16,250 --> 00:03:25,009
Interdependence

57
00:03:47,556 --> 00:03:52,014
To declare your Interdependence...

58
00:03:52,014 --> 00:03:53,750
let it ripple [letitripple.org]

59
00:03:53,750 --> 00:03:55,500
let it ripple [letitripple.org] -- declare

60
00:04:09,449 --> 00:04:16,998
Let it Ripple: Global Films for Mobile Change

By Sawyer Steele and Tiffany Shlain